
वीडियो – कोरिया- वैसे तो कोरिया जिले के सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का का हाल किसी से छुपा हुआ नही है आये दिन यह हॉस्पिटल सुर्खियों में रहता है यह अस्पताल अपने बदहाली के लिए पुरे जिले में मशहूर है बदहाली का आलम यह है की यहाँ सर्दी बुखार के अलावा किसी भी प्रकार का कोई इलाज नहीं होता ना ही किसी प्रकार की कोई सुविधाएं मरीजों को मिलती है अगर हॉस्पिटल के शौचालय की बात करें तो अगर गलती से कोई मरीज शौचालय में घुस जाये तो शायद बेहोस होके की बाहर आ आयेगा जितने भी डॉक्टर हॉस्पिटल में पदस्थ हैं वो भी समय से ड्यूटी में नहीं आते जानकर की माने तो उसका मुख्य कारण हैं बीएमओ. श्रेष्ठ मिश्रा हमेशा नदारद रहते हैं सोनहत मुख्यालय में निवास नहीं करते
*आस पास के 70 किलोमीटर तक के गांव इसी अस्पताल पर आश्रित हैं*
आपको बता दें सोनहत हॉस्पिटल 60 से 70 किलोमीटर तक गांव के मरीज सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज कराने आते हैं लेकिन हॉस्पिटल की अव्यवस्था के कारण काफी मुसीबतों को झेलते हैं और कई मायुश होकर बिना इलाज के ही वापस चले जाते हैं आज कुछ ऐसा ही मामला समाने आया है ग्राम रजौली से आये प्रमोद की पत्नी का प्रसव पीड़ा होने पर वह लगभग 3 से 4 बजे भोर में सोनहत हॉस्पिटल लाया जंहा उसके प्रसव के बाद नवजात का शव उसके हाथ लगा उसके दम तोड़ चुकी मृत शिशु का शव बिना एम्बुलेंस के परिजन बाइक से ले कर अपने घर गए सूत्रों की माने तो पिछले 3 – 4 घंटे से परेशान होने के बाद कोई सुविधा ना मिलने पर भूखे प्यासे परिजन नवजात शिशु को बाइक पर ले गए।
*कलेक्टर ने लिया संज्ञान*
औचक निरिक्षण के दौरान आज कलेक्टर सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और हॉस्पिटल का मुआयना कर साफ सफाई को लेकर हॉस्पिटल स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई ड्यूटी के दौरान कई डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए जिस पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने शोकाज नोटिस जारी करने की बात कही है।
नोटिस कार्यवाही तो चलते रहेंगे लेकिन इस बीच सवाल अब भी बरकरार है आजादी के 76 सालों के बाद भी आज आखिर कब तक हॉस्पिटल की बदहाली का खामियाजा एक आम इंसान एक गरीब व्यक्ति या एक पिता अपने कलेजे के टुकड़े को लेकर इस तरह परेशान होते रहेगा।
*वर्जन* -: *श्रेष्ठ मिश्रा बीएमओ सोनहत*
गर्भवती महिला जो हमारे हॉस्पिटल में आयी हुई वो मनेन्द्रगढ़ की रहने वाली है और वह रजौली गांव आयी हुई थी जिसका रजिस्ट्रेशन हमारे हॉस्पिटल में नहीं था और ना ही उसने रजौली एएनएम को सूचना दी थी प्रसव पीड़ा होने पर वह हॉस्पिटल आयी जब हम लोगों ने प्रसव कराया तब पता चला की गर्भ में ही उसकी मृत्यु हो चुकी है। हॉस्पिटल में शव वाहन ना होने के कारण उन्हें गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
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